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गिरती बिक्री के मद्देनजर JSW MG मोटर इंडिया ने अपने सभी मॉडलों की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है।

परिचय

दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने सार्वजनिक घोषणा करते हुए कहा है कि वह अपने पोर्टफोलियो में शामिल सभी उत्पादों की कीमतों में अधिकतम दो प्रतिशत की वृद्धि करेगी। यह घोषणा सार्वजनिक रूप से जारी की गई है। आम जनता को सूचित किया गया है कि यह संशोधन सभी उत्पादों पर लागू होगा, चाहे इसमें कोई अपवाद हो या न हो। इस नियम का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। नई मूल्य संरचना वर्ष 2026 के पहले दिन से लागू होगी और यह प्रत्येक मॉडल और संस्करण के लिए अलग-अलग होगी। यह परिवर्तन प्रभावी होगा। इस अपडेट को लागू किया जाएगा।

चूंकि अब इस समायोजन को लागू करने का उचित समय आ गया है, इसलिए स्थिति अब नियंत्रण में होनी चाहिए। इस सुधार का कार्यान्वयन निकट भविष्य में किसी समय होने की पूरी संभावना है। यह लगभग निश्चित है कि इस सुधार का कार्यान्वयन निकट भविष्य में किसी समय होगा क्योंकि इसका होना लगभग तय है। कंपनी ने मूल्य में परिवर्तन, जो पर्यावरण का परिणाम था, का कारण इन तीन कारकों को बताया, जो कि बढ़ी हुई इनपुट कीमतों के साथ-साथ व्यापक आर्थिक माहौल से जुड़े अन्य कारणों का परिणाम थे।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)

कंपनी ने मूल्य परिवर्तन का कारण पर्यावरण को बताया। पर्यावरण को मूल्य परिवर्तन का स्रोत मानते हुए कंपनी इस निष्कर्ष पर पहुंची। इसके अतिरिक्त, समूह ने कहा कि पर्यावरण एक ऐसा कारक था जिसने मौजूदा कठिनाई में योगदान दिया। इसके अलावा, व्यवसाय अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अन्य कारकों से भी प्रभावित था। साथ ही, कुछ ऐसे तत्व भी थे जो व्यापक आर्थिक वातावरण से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे। ये सभी कारक एक साथ मौजूद थे। जिस वातावरण से वे घिरे हुए थे, वह इन सभी घटकों के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार था। यह बात इन सभी के लिए लागू होती है।

हालांकि, वाहनों की बिक्री में कमी के साथ-साथ एमजी द्वारा निर्मित कारों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। हाल ही में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर को तर्कसंगत बनाए जाने के बावजूद, जिससे कॉम्पैक्ट कारों से लेकर एसयूवी और लग्जरी मॉडल तक के उत्पाद कम कीमतों पर आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, यही स्थिति बनी हुई है। जीएसटी की दर को लागू होने के बाद से ही तर्कसंगत बनाए जाने के बावजूद, यह स्थिति नहीं बदली है। यह स्थिति तब भी बनी हुई है जब से यह लागू हुआ है।

एमजी ने अपनी कीमतें बढ़ा दी हैं

इस अवधि के दौरान एमजी ने अपनी कीमतों में वृद्धि की है, हालांकि इस दौरान कीमतों में वृद्धि अनियमित रूप से होती रही है। एमजी ने इस अवधि में अपनी मूल्य संरचना को स्थिर रखा है। हालांकि इस विशेष अवधि में कीमतों में वृद्धि होती रही है, लेकिन यही स्थिति उत्पन्न हुई है। बढ़ती मांग के परिणामस्वरूप, एमजी द्वारा अपने सामान और सेवाओं के लिए ली जाने वाली कीमतों में इस अवधि के दौरान वृद्धि हुई है। एमजी द्वारा इस अवधि के दौरान अपनाई गई मूल्य संरचना में पहली बार लागू होने के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के नए ढांचे के तहत, कॉम्पैक्ट कारों पर कर प्रभावी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बदलाव जीएसटी के कारण संभव हुआ है।

नई संरचना को अपनाने से यह बदलाव आया। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के कारण अब लागत में कमी संभव हो पाई है। संभवतः वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), जिसका इसमें सबसे बड़ा योगदान था, इस गिरावट का मुख्य कारण रहा है। यह इस कमी के संभावित कारणों में से एक है। किए गए संशोधन के तुरंत बाद जो परिणाम सामने आया, वह उस बदलाव के परिणामस्वरूप हुआ।

स्पोर्ट यूटिलिटी वाहन (एसयूवी)

यह बदलाव, जो बनाई गई व्यवस्था का परिणाम है, विकसित व्यवस्था का नतीजा है, जो नई निर्मित संरचना के परिणामस्वरूप हुआ है। यह बदलाव बनाई गई व्यवस्था का परिणाम है। इस बदलाव को समझाने के लिए, यह व्यवस्था ही कारण थी। कीमतों में गिरावट के कई कारण थे, जिनमें से एक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) था। यह विशेष कर कुल कर राजस्व में गिरावट के कारणों में से एक था। प्रीमियम मॉडल, स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और बड़ी कारों पर शुरुआत से लेकर आज तक 28 प्रतिशत की कर दर लागू है। यह कर दर शुरुआत से ही लागू है।

समय की शुरुआत से ही सभी लोग इस सटीक कर दर के लिए उत्तरदायी रहे हैं। जैसा कि पहले चर्चा की गई थी, उल्लिखित कर दर को पहले बताए गए क्रम में लागू किया गया था। अधिक स्पष्ट रूप से कहें तो, यह कर दर उस संपूर्ण समयावधि के दौरान लागू रही जिसकी चर्चा की जा रही है। हालांकि, इसके परिणामस्वरूप, उन पर 25 प्रतिशत तक का क्षतिपूर्ति उपकर लगाया गया, जिससे पूरी आबादी पर कुल कर का बोझ लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गया। यह इस उपकर के लागू होने का परिणाम था। परिणामस्वरूप, परिस्थितियों के कारण यही परिणाम सामने आया।

इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)

घटित परिदृश्य के परिणामस्वरूप, यह निष्कर्ष निकाला गया। इसके फलस्वरूप, आगे चलकर इस विशेष समूह पर चालीस प्रतिशत की कर दर लागू होगी, जबकि उपकर को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। यह इस स्थिति का परिणाम है। इस परिवर्तन को प्रभावी बनाने के लिए जो तत्काल कार्रवाई की जाएगी, उसे लागू की जाने वाली योजना के अंतर्गत ध्यान में रखा जाएगा। इस वर्ष की शुरुआत से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का प्रतिशत 5% की सीमा से नीचे बना हुआ है। ईवी का अनुपात घटने के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। भविष्य में भी इस प्रवृत्ति के जारी रहने का अनुमान है।

हालांकि, एमजी से प्राप्त निष्कर्षों से पता चलता है कि उपचारों के बावजूद, ऐसे संकेत हैं कि स्थिति की गंभीरता पहले की तुलना में कम हो सकती है। यह स्थिति दवाओं के दिए जाने के बावजूद बनी हुई है। इस बात की कोई संभावना नहीं है कि रोगी को पहले दी गई दवाएं इस स्थिति से संबंधित हों। एफएडीए द्वारा नवंबर 2025 के लिए उपलब्ध कराए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, यात्री कारों के बाजार में कंपनी की बिक्री पिछले महीने की तुलना में घटकर 4,400 यूनिट रह गई।

एमजी वाहन

इससे पता चलता है कि कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है। पिछले महीने की तुलना में इस महीने 4,400 यूनिट की बिक्री में कमी आई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह गिरावट पिछले महीने के आंकड़ों के विपरीत है। चूंकि पिछले महीने की बिक्री इस राशि से काफी कम थी, इसलिए यह आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है। यह डेटा कंपनी के इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्राप्त किया गया था, जिसका उपयोग संबंधित जानकारी जुटाने के लिए किया गया था। यह जानकारी कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड से प्राप्त की जा सकती थी, जो कंपनी द्वारा ही रखे जाते हैं और इस प्रकार यह जानकारी प्राप्त करने के लिए एक उपयुक्त स्रोत थे।

डेटा का रखरखाव संगठन द्वारा किया गया था। इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में प्राप्त धनराशि में 15.95 प्रतिशत की कमी इस तथ्य से स्पष्ट होती है कि पिछले वर्ष की बिक्री को ध्यान में रखा गया है। यदि हम नवंबर 2025 में बेची गई एमजी कारों की कुल संख्या की तुलना पिछले महीने बेची गई इकाइयों की कुल संख्या से करें, तो हम देखते हैं कि एमजी वाहनों की कुल बिक्री में वृद्धि हुई है।

विस्तार में जानकारी

पिछले महीने के प्रदर्शन की तुलना में यह उल्लेखनीय सुधार है। अक्टूबर 2025 में बेची गई कुल 4,549 इकाइयों की तुलना में, यह अक्टूबर 2025 में 18.82 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। यह तुलना पिछले महीने और वर्तमान महीने के बीच की गई है। इससे ठीक पहले वाले महीने में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई थी। नवंबर 2025 में कुल 3,693 इकाइयाँ बेची गईं, जो उत्पाद के प्रति ग्राहकों की संतुष्टि को दर्शाती हैं। बेची गई इकाइयों की कुल संख्या का विस्तृत विवरण निम्नलिखित तालिका में दिया गया है। जानकारी के आधार के रूप में, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री को स्रोत के रूप में लिया गया है। जानकारी प्राप्त करने के लिए एक स्रोत से परामर्श किया गया था।

यह जानकारी उस व्यक्ति से प्राप्त की गई जिसने इस परिस्थिति के परिणामस्वरूप इसे उपलब्ध कराया। इसके बावजूद, व्यवसाय पूरे वर्ष निरंतर गति बनाए रखता है, जैसा कि इस तथ्य से स्पष्ट है कि जनवरी से नवंबर 2025 की अवधि के लिए थोक बिक्री में 32 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है, जो कि पहले उल्लिखित समयावधि के अनुरूप है। यह इस बात का प्रमाण है कि व्यवसाय अपने प्रदर्शन के मामले में बहुत अच्छा कर रहा है, और यह समझना मुश्किल नहीं है कि कंपनी वर्तमान में अपने प्रदर्शन के संबंध में इसी स्थिति में है।

इलेक्ट्रिक ऑटो (ईवी)

नवंबर 2025 में कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) की बिक्री में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 10.34 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि कंपनी के सभी उत्पादों की मांग में कोई खास बदलाव नहीं आया। कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री में भी स्थिरता बनी रही, जो इस बात का प्रमाण है। कंपनी द्वारा बेची गई इलेक्ट्रिक कारों का अनुपात समय के साथ बढ़ा है। कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री में भी स्थिरता को देखते हुए, यह बात किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल, एमजी मोटर इंडिया के लक्ष्यों और आकांक्षाओं का केंद्रबिंदु 2026 हेक्टर का कायापलट है, जिसे हाल ही में बाजार में उतारा गया है। कंपनी के कर्मचारियों में इस वाहन में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर काफी उम्मीदें हैं। यह कदम बिक्री से होने वाली आय को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। इस मिड-साइज़ एसयूवी को भारतीय बाजार में पेश करना और देश में ब्रांड की औपचारिक उपस्थिति स्थापित करना, दोनों ही घटनाएँ 2019 में हुईं, जो कि एसयूवी के भारत में डेब्यू का वर्ष भी था।

निष्कर्ष

इन सभी घटनाओं का वर्ष एक ही था। ये सभी घटनाएँ एक ही वर्ष में घटीं क्योंकि वर्ष एक ही था। भारत, जो इन सभी घटनाओं का स्थान था, वह स्थान था जहाँ ये सभी घटित हुईं। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली बार “एमजी” उपनाम के उपयोग का विचार भी उसी स्थान पर आया और उस पर विचार किया गया। इसी अवसर पर यह उपनाम पहली बार प्रचलन में आया। संयुक्त राज्य अमेरिका में एमजी नाम को औपचारिक रूप दिया गया है, जिसे एमजी के कार्यालय का स्थान माना जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका वह स्थान है जहाँ से यह परिवर्तन शुरू हुआ। एमजी का नवीनतम संशोधन अपने ब्रांड की लोकप्रियता को पुनर्जीवित करने और बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

लागू किए गए संशोधन का यही लक्ष्य है। बाज़ार में अपनी स्थिति को मज़बूत करना एमजी का प्राथमिक उद्देश्य है, और वे निकट भविष्य में इस लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं। इसके लिए प्रयास किए जाएंगे, और परिणामस्वरूप स्थिति में सुधार होगा। कंपनी के लक्ष्यों में से एक है बाज़ार में अपनी स्थिति को बढ़ाना, इस प्रक्रिया में शामिल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए। यही उद्देश्य संगठन की स्थापना का प्रेरक बल था। जब भी प्रदर्शन में सुधार के उद्देश्य से कोई गतिविधि की जाती है, तो उसे उस बाज़ार में फर्म की स्थिति को बढ़ाने के लक्ष्य के साथ किया जाता है जिसमें वह काम करती है।

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